September 15, 2005

मधुशाला (8)

लालायित अधरों से जिसने, हाय, नहीं चूमी हाला,

हर्ष-विकंपित कर से जिसने, हा, न छुआ मधु का प्याला,

हाथ पकड़ लज्जित साकी का पास नहीं जिसने खींचा,

व्यर्थ सुखा डाली जीवन की उसने मधुमय मधुशाला।

The extent upto which I could translate it;

" The one who couldn't kiss the wine with his thirsty lips. The one who couldn't touch the cup of wine with his jubilant hands. The one who couldn't snatch the shy bar girl towards himself has dried up his tavern of life. "

2 comments:

Ashish Shrivastava said...

मधुशाला के परिशिष्ट से

स्वयं नहीं पीता, औरों को, किन्तु पिला देता हाला,
स्वयं नहीं छूता, औरों को, पर पकड़ा देता प्याला,
पर उपदेश कुशल बहुतेरों से मैंने यह सीखा है,
स्वयं नहीं जाता, औरों को पहुंचा देता मधुशाला।

Anonymous said...

क्‍या आपके पास कोई और किताब खरीदने के पैसे नहीं हैं?